Additional information
| Weight | 10 gm |
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Original price was: Rs.700.00.Rs.500.00Current price is: Rs.500.00.
– इसे घूँघट वाली फूलगोभी भी कहा जाता है | ज्यादा ढकाव और वजन
– नर्सरी बुवाई: सितम्बर-अक्टूबर
– रोपाई: 25-30 दिन की स्वस्थ पौध
– फूल बनने का समय: 80-85 दिन
– औसत फूल वजन: 1-1.25 किलो (अनुकूल परिस्थितियों में 1.5-2 किलो तक)
– ठोस, उभरे हुए मजबूत फूल
– विशेषता: 70% तक पत्तियों से ढके चमकदार सफेद फूल (घूंघट प्रभाव वाले)
– बीज दर: 100-120 ग्राम प्रति एकड़
– बीज उपचार: UPL SAAF @ 3-4 ग्राम प्रति किलो बीज
– बीज संख्या (10 ग्राम में): लगभग 1,800-2,000
– मार्केट: ताजा फूल दूरी पर ले जाने के लिए उपयुक्त
– अन्य लाभ: फूल लंबे समय तक सफेद और ताज़ा रहते हैं, फूल ढीले नहीं पड़ते
रोपाई दूरी:
लाइन से लाइन: 75 सेमी.
पौधे से पौधा: 30-45 सेमी.
भूमि व जलवायु:
– मध्यम से भारी, अच्छे जलनिकास वाली भूमि सर्वोत्तम।
– pH 6.0–7.0 वाली मिट्टी उपयुक्त।
नर्सरी प्रबंधन:
– बीज बुवाई के लिए उठी हुई क्यारियाँ बनाएं।
– फफूंदनाशक से बीज उपचार करें।
– अंकुरण के बाद 25-30 दिन (5–6 पत्तियों) पर पौधे प्रत्यारोपण के लिए तैयार।
खाद व उर्वरक प्रबंधन:
– खेत/बैड तैयार करने से पहले: गोबर खाद 5000kg (अगर हो तो) + 50kg डी.ए.पी. + 25kg पोटाश + 25kg यूरिया
– रोपाई के 20 दिन बाद: 50kg यूरिया + 1kg ह्यूमिक दानेदार + 6kg दानेदार माइकोराइज़ा
– रोपाई के 30 दिन बाद: 50kg यूरिया + 25kg DAP + 25Kg MOP + 5kg माइक्रो न्यूट्रिएंट मिक्सचर + 1 किलो Boron 20%
– रोपाई के 40 दिन बाद: 25kg यूरिया + 4kg NPK 0:52:34 + 6kg कैल्शियम नाइट्रेट
– रोपाई के 50-55 दिन बाद: बोरोन 20% का 40gm प्रति 16 लीटर पानी मे स्प्रे करें।
नोट: ड्रिप पर खेती करने वाले किसान इन उर्वरकों की जगह सोलुब्ल फर्टीलाइजर ड्रिप के माध्यम से दे सकते हैं।
सिंचाई:
– पहली सिंचाई रोपाई के तुरंत बाद।
– इसके बाद 10-12 दिन के अंतराल पर हल्की सिंचाई।
– जल जमाव से बचें।
खरपतवार प्रबंधन:
– रोपाई के 20–25 दिन बाद निराई–गुड़ाई।
– आवश्यकता अनुसार पेंडिमेथालिन जैसे शाकनाशी का प्रयोग।
रोग एवं कीट प्रबंधन:
– डैंपिंग ऑफ / विलीटिंग: नर्सरी में Metalaxyl M 4% + Mancozeb 64% WP या कार्बेन्डाजिम या ट्राइकोडर्मा का प्रयोग।
– डायमंड बैक मॉथ, एफिड्स, कैबेज बटरफ्लाई: नीम आधारित कीटनाशी या अनुशंसित कीटनाशकों का छिड़काव।
– डाउनरी मिल्ड्यू / लीफ स्पॉट: कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (COC) या मैन्कोज़ेब का छिड़काव।
उपज:
औसत उपज: 150-160 क्विंटल प्रति एकड़ (अच्छी प्रबंधन स्थिति में 170-180 क्विंटल/एकड़ तक)।
👉 यह हाइब्रिड ठंडे मौसम में तैयार होने वाला, आकर्षक और उच्च उपज देने वाला है, जो किसान भाइयों के लिए ताज़ा फल मंडी और दूरी पर ट्रांसपोर्ट – दोनों के लिए लाभकारी है।
“नोट: फसल की पैदावार स्थानीय जलवायु परिस्थितियों एवं प्रबंधन
पद्धतियों पर निर्भर करती है, अतः परिणाम क्षेत्र अनुसार भिन्न हो सकते हैं”
| Weight | 10 gm |
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