Additional information
| Weight | 100 gm |
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Rs.300.00
DOODH SAGAR चिकोरी (कासनी)
– यह एक बहुवर्षीय (perennial) चिकोरी (कासनी) चारा फसल है। एक बार बुवाई के बाद यह फसल 1–2 और उत्तम प्रबंधन में 3 वर्षों तक भी हरा चारा देती है, जिससे किसानों को बार-बार बीज बोने की आवश्यकता नहीं होती
– यह बार-बार कटाई वाला चिकोरी (कासनी) चारा है
– पहली कटाई बुआई उपरांत 30-35 दिन में तैयार हो जाती है
– 20-25 कटाई आसानी से संभव
– 20 से 30 दिन का कटाई अंतराल
– चारे की लंबाई 1.5 से 2 फ़ीट तक
– चौड़े, मुलायम और गहरे हरे रंग के पत्ते
– तना मुलायम और खाने में पत्तों जैसा स्वादिष्ट
– इसमें प्रोटीन की मात्रा 25% से 35% तक होती जो इसे अत्यंत पौष्टिक चारा बनाता है
– NDF (Neutral Detergent Fiber) उच्च गुणवत्ता का होता है, इससे पशु को भरपूर ऊर्जा और रेशा मिलता है
– ADF (Acid Detergent Fiber) की मात्रा कम होती है, जिससे पाचन में कोई रुकावट नहीं आती
– यह फसल सूखा सहनशील है
– बीज की मात्रा 800 ग्रा. से 1 किलो प्रति एकड़
– स्पेसिंग: लाइन से लाइन 25-30 सेमी, पौधे से पौधा 10-15 सेमी
– इसकी बुवाई रबी सीजन (सितम्बर से दिसंबर) में उत्तरी भारत में होती है
– एकल और मिश्रित खेती के लिए उपयुक्त। इसे (सोलो क्रॉप) या किसी भी कम ऊँचाई वाली चारा फसलों के साथ मिश्रित फसल (मिक्स क्रॉप) के रूप में उगाया जा सकता है
– एक गहरी जुताई + 1–2 बार हल्की जुताई
– बीज उपचार: कवकनाशी (जैसे कार्बेन्डाजिम @ 2 ग्राम/किग्रा बीज)
– खाद एवं उर्वरक: सड़ी हुई गोबर की खाद: 8–10 टन/हेक्टेयर रासायनिक उर्वरक (औसत सिफारिश): नाइट्रोजन (N): 40–50 किग्रा/हेक्टेयर फास्फोरस (P₂O₅): 40 किग्रा/हेक्टेयर पोटाश (K₂O): 20–25 किग्रा/हेक्टेयर आधी नाइट्रोजन और पूरा फास्फोरस-पोटाश बुवाई के समय दें, बाकी नाइट्रोजन पहली कटाई के बाद दें। हर कटाई बाद 17 से 22 किग्रा नाइट्रोजन प्रति हेक्टेयर देने से चारा बहुत जल्दी और अच्छा तैयार होता है
– खरपतवार नियंत्रण शुरुआती 20–25 दिन में निराई गुड़ाई सबसे जरूरी, यदि फसल मिश्रित है, तो प्रारंभिक दिनों में जल्दी खरपतवार निकाल दें
“नोट: फसल की पैदावार स्थानीय जलवायु परिस्थितियों एवं प्रबंधन
पद्धतियों पर निर्भर करती है, अतः परिणाम क्षेत्र अनुसार भिन्न हो सकते हैं”
| Weight | 100 gm |
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